अधिकार की बात करने वाले संगठन गुंडागरदी को हवा नहीं दे सकते

punjabअमेरिका में सक्रिय जथेबंदी जो अपने आप से सिखों से सहानुभूति दर्शाती है, उस पर पिछले दिनों सवालिया चिह्नन लगा, जब उन का संगठन सिख फार्र जसटिस, जिस से भाव सिखों के लिए न्याय की बात करने की जगह पंजाब के गैंगसटर दलों को प्रोतसाहित करने के इल्ज़ाम लगे। किसी भी तरह के समाज सेवी संस्थान अथवा अधिकार के लिए बात करने वाले संगठन गुंडागरदी को हवा नहीं दे सकते, किन्तु अगर पंजाब में विक्की गौंडर जैसे दलों की सिख फार्र जसटिस की ओर से तरफदारी होने लगे तो शायद यह अगले काले दिनों की तैयारी होगी। पंजाब के मुख्य मंत्री कैपटन अमरिंदर सिंह की ओर से आम लोगों की सुरक्षा के लिए गुंडागरदी करने वाले दलों को नकेल पाने की कार्रवाइयों को विदेशी धरती से सिखों पर हो रहे जुल्मों का नाम दिया गया। ऐसी कार्रवाइयों को किसी धर्म से नजायज जोड़ना अधिकारों की सुरक्षा नहीं हो सकती. यहाँ तक कि सिख फार्र जसटिस की ओर से अमेरिका के सचिव और डिपार्टमेंट आफ्फ होमलैंड सकिओरिटी को सैक्षन 212ए3ई3 आई ऐन ए तहत कैपटन अमरिंदर के ख़िलाफ़ तशद्दद और गैरकानूंनी कत्ल के इल्ज़ाम तहित वीजा और अमेरिका के प्रवेश पर रोक लगाने की कोशिश की, जब कि मुख्य मंत्री की ओर से की गई यह कार्रवाई पंजाब को अमन शांति की तरफ़ ले जाने की एक बड़ी पहिलकदमी है। भूतपूर्व एस एस पी सुखदेव सिंह ने अपने विचार पेश करते हुए कहा कि, कटरपंथी दल पंजाब की अमन शांति को तबाह करने में लगे हैं। उन्होंने सवाल किया कि, क्या यह दल पंजाब में लगातार जुरम और सहकते हुए माहौल को हवा देना चाहते हैं। अमरिंदर सिंह के टवीट किये बयान को आधार बना सिख्खस फार्र जसटिस के क़ानूनी सलाहकार गुर्पतवंत सिंह पंनू की ओर से यू ऐस्स डास्स को भेजी एक शिकायत में उन्होंने स्पष्ट रूप में कैपटन और पंजाब पुलिस पर इल्ज़ाम लगाते हुए गैंगस्टरों के ऐनकाऊंटर को नयांइक हत्या का नाम दिया, जबकि मारे गये दो गैंगसटर गौंडर और प्रेमा कई दर्जन हत्या, फिरौती इत्यादि के केसों में नामज़द थे. मानव अधिकारों की बात करने वाले सरबजीत सिंह टिप्पणी करते हुए कहते हैं कि खालिसतान और खालसा की बात करने वाला गैंगस्टरों का समर्थक कैसे हो सकता है. अगर ऐसी तरफदारी को सियासी दृष्टिकोण से देखा जाये तो अनायास समझ आती है कि यह काम अधिकार की बात करने वाला नहीं, बल्कि माहौल को खराब करने वाला है। इस के लिए इन की विचारधारा को समझना जरूरी है।