इज़रायली प्रधान मंत्री के भारत दौरे दौरान हुए 9 अहम समझौते

israelइज़रायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतनयाहू पिछले दिनों अपने 130 प्रतीनिध मंडल समेत 6 रोजा भारतीय यात्रा पर पहुँचे थे। किसी विदेशी दौरे पर जाने वाले प्रधान मंत्री के 130 व्यापारिक प्रतीनिधी मंडल की गिनती विश्व रिकार्ड बनाती है। इस से पहले किसी भी प्रधान मंत्री की ओर से इस तरह विदेशी दौरा नहीं किया गया। जिकरयोग है कि भारत के दौरे पर आने वाले बीते 15 वर्षों दौरान पहले इज़रायली प्रधान मंत्री है। गौरतलब है कि नेतनयाहू से पहले 2003 में उस समय के इज़रायली प्रधान मंत्री एरीअल शेरान भारत यात्रा पर आये थे। भारत यात्रा दौरान नेतनयाहू ने दिल्ली, आगरा, गुजरात, मुंबई का दौरा किया। उन के भारत यात्रा काल दौरान भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेंदर मोदी जयादातर उन के साथ ही रहे। इज़रायली प्रधान मंत्री, भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के अलावा भारत की विदेश मंत्री सुशमा सवराज को भी मिले। इज़रायल की और से की गई भारत यात्रा भारत और इज़रायली रिश्तों को और मजबूत करेगी. इज़रायली प्रधान मंत्री अपनी इस यात्रा को ऐतिहासिक मानते हैं। इस बात का खुलासा उन्होंने इज़रायल में ही यात्रा से पहले ही कर दिया था। उन्होंने कहा था कि, मैं ऐतिहासिक यात्रा पर जा रहा हूँ। जिस दौरान अपने मित्र नरेंदर मोदी को मिलने के इलावा इज़रायल की तरक्की और ताक़त को मजबूत करने के लिए संरक्षण, आर्थिक व्यापार और सैर सपाटे के संदर्भ में महत्वपूर्ण समझौते किये जाएँगे। उन्होंने अपनी इस बात को प्रमाण करते हुए भारत से 9 समझौते किये। किये गये समझौते फ़िल्म निर्माण, सटारटअप्प इण्डिया, संरक्षण, व्यापार और सैर सपाटे को ले कर सहमति हुई। साईबर संरक्षण के लिए विशिष्ट कदम उठाये जाएँगे।इनवैसट इण्डिया-झौईण् इज़रायल ‘ निर्माण कार्यों के लिए महत्वपूर्ण समझौता हुआ। सौर ऊरजा पर हुए समझौते से भारत को अपना ऊरजा स्रोत सुरक्षित करने में मदद मिलेगी और इज़रायल ऊरजा पैनल निर्माण पर लाभ प्राप्त कर पाएगा। नेतनयाहू ने पी ऐम मोदी को क्रांतीकारी नेता बताया और कहा कि, भारत प्रधान मंत्री नरेंदर मोदी के नेतृत्व में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल करेगा। प्रधान मंत्री श्री नरेंदर मोदी ने इज़रायली प्रधान मंत्री के उन शब्दों का स्वागत किया, जिन में उन्होंने भारत में बसे हुए यहुदिओं को संबोधन करते हुए अपनी मुहर लगाई था कि भारत में यहूदी सुरक्षित है। भारत में रहने वाले यहूदी के अन्दर अलगाववाद की भावना नहीं झलकती, जैसे कि विश्व के कई और देशों में देखने को मिलती है।