भारतीय जीवन शैली पर श्री रामचरित्र मानस का प्रभाव

बठिंडा विकास मंच द्वारा अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन बठिंडा के सहयोग से विचार गोष्ठी भारतीय जीवन शैली पर श्री रामचरित्र मानस का प्रभाव  दिनांक १२ अप्रैल मंगलवार, संवत २०७३ दोपहर २ बजे से ४ बजे तक स्वदेशी ट्रैडर्स, जनता मार्किट र्कोट रोड पर आयोजित की जा रही है। बठिंडा विकास मंच प्रधान राकेश नरूला ने बताया इस अवसर पर मुख्य वक्ता सुरद्रं वैद्य प्रधान श्री महावीर संर्कीतन मंडल होगे। एम.आर. जिदंल ने सभी प्रभुप्रमीयों से अपील की है कि इस अवसर पर पहुंचे व अपने विचार प्रस्तुत करें तथा विद्धानों क विचारों से अनुग्रहित हों। पदम कुमार ने कहा कि श्री राम चरितमानस का स्थान जगत के साहित्य में निराला है। वर्तमान समय में जन सर्वत्र हाहाकार मचा है। सारा विश्व दुख व अंशाति की ज्वाला में जल रहा है। जगत के कोने-कोने में मारकाट मची है। करोड़ो अरबों की संपति एक दूसरे के विनाश के लिए खर्ची जा रही है। एसी हालत में जगत में सुख शांति एंवम प्रेम का प्रचार करने तथा भगवान कृपा का जीवन में अनुभव करने के लिए श्री रामचरित्रमानस का जीवन में अनुशासन का होना परम आवश्यक है। एस.एल लाटिका ने कहा श्री रामचरित्र मानस एक आर्शीवादात्मक ग्रंथ है। इसके पाठ व मान से सभी कार्य सिद्ध होतें है। यह बालक,वृद्ध,स्त्री-पुरूष और युवा सभी के लिए समान उपयोगी है। भक्ति, ज्ञान, नीति,सदाचार का इससे बहुत प्रभाव होता है।