पंजाब का युवक शरारती चालों से भलीभांती वाकिफ

youngstersबी जे पी लीडर लक्षमीकांत चावला की ओर से सदा ही अलगाववाद को सख्ती से देखा जाता रहा है। उन्होंने पंजाब के हालातों के बारे में बोलते हुए कहा कि, पंजाब भारत के और बड़े मैटरो शहरों के माफ़िक लगातार जागता है। यहाँ परिवहन का प्रभाव दिन रात बना रहता है। ‘ 84 के दौर वाला वह भय और खौफ वाली आबो हवा अब पंजाब में और नहीं बहती। उन्होंने कहा कि, आज की तारीख़ में अगर कोई कट्टड़पंथी अलगाववाद की बात करने के लिए आगे आता है तो पंजाब की अवाम ऐसे दलों को जहाँ खुद नकारती है, वहां आम लोगों की माँग इन को नकेल पाने की उठती है, जिसके चलते हुए राज्य सरकारों का लक्ष्य बन जाता है कि किसी भी अलगाववादी लहर को आज के समय में प्रचलित न होने दिया जाये. पंजाब का आधारभूत ढाँचा अलगाववाद के बीज को दुबारा उपजना नहीं देगा। उन्होंने युवक पीढ़ी को पुरजोर अपील की कि वह अपने देश के महान शहीद भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव, चंदर्शेखर अजाद के माफ़िक अपनी सोच में दृड़ता लाएं और भारत के अन्दर किसी भी तरह का प्रापोगंडा अथवा अलगाववाद की बात को तूल पकड़ने से पहले जड़ से उखाड़ फेंकें. हिंदू और सिख युवकों में पारस्परिक भेदभाव खड़ा करने वाले शरारती अनसर अपने मकसद में क़ामयाब नहीं हो पाएँगे, अगर युवक जागरूक हों, क्युंकि अधिक परापोगंडा आत्मगत सवारथ के लिए किए जातें हैं, जिसका धर्म और किसी मज़हब से कोई लेना देना नहीं होता। अब का युवक वर्ग ‘ 84 के दौर वाला नहीं। अगर जरूरत है तो अधिक सुचेत होने की, क्युंकि अलगववादों की ओर से गरमखयाली भाषणों के तहतों युवकों को गुमराह करने की कोशिश लगातार जारी है, पर पंजाब का युवक भी इन चालों से भलीभांती वाकिफ है।