Advertisement
Advertisement

पंजाब का रहन सहन, भारत के समूह राज्यों से उत्तम रहा है

punjabअलगाववादी ताक़तों की ओर से किए जाने वाले शोर को समाज सेवी संस्था के चीफ सुखविंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि, पंजाब में ऐसी किसी तरह की अलगाववादी लहर का कोई प्रचार, प्रसार नहीं है और न ही पंजाब ऐसे माहौल को बरदाशत करेगा। उन्होंने अपनी कैनेडा और अमेरिका फेरी के दौरान तजुरबे को सांझा करते हुए कहा कि, मुठ्ठी भर लोग अलगाववादी लहर को विदेशी धरती पर हवा दे रहे हैं, जबकि कैनेडा, अमेरिका जैसे देशों में भी कट्टड़पंथी सोच का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि, पंजाब को आतंकवाद की भट्ठी में झोकने वाले आज के पंजाब की तरक्की का अंदाजा भी नहीं लगा पाते। पंजाब का रहन सहन भारत के समूह राज्यों से उत्तम रहा है और अगर आज के पंजाब के बारे यह प्रचार किया जाये कि पंजाब पिछोकड़ की ओर जा रहा है अथवा पंजाब में आतंकवाद की आंधी आ गयी है अथवा आने वाली है तो मैं इस से बिलकुल भी सहमत नहीं, क्युंकि पंजाब में बड़े उद्योग पैर पसार रहे हैं और पंजाबी अच्छी जिंदगी जी रहे हैं। पारस्परिक भाईचारे पर अपना दृष्टिकोण दर्शाते हुए उन्होंने कहा कि, पंजाब में हिंदू, सिख एकता को न कभी ढाह लगी है और न कभी लगेगी. समूह भाईचारा हर मुसीबत का मुँह तोड़ उत्तर देता रहा है और देता रहेगा। उन्होंने अपने विचार पेश करते हुए कहा कि, हर धर्म में कटरपंथी सोच के लोग होते हैं, जो शौहरत हासिल करने और आम लोगों में चर्चा का विषय बने रहने के लिए मीडिया में अपने बयानों के द्वारा सरगरम रहने की कोशिश करते हैं। यह कहना बिलकुल गलत होगा कि हिंदू, सिखों में पारस्परिक भाईचारे की जगह मत्तभेद हावी है, और अगर पंजाब के काले दिनों के दौरान किसी न किसी कारनवश पंजाब के क्षेत्र में ऐसा कोई मत्तभेद रहा होगा तो भी आज के समय दौरान ऐसी विचारधारा जड़ से खत्म हो चुकी है। हिंदू, सिख अपनी भावनायें और धार्मिक रीती रिवाजों को पंजाब की धरती पर इकमुठ्ठता और पूर्ण आज़ादी से निभाते हैं। पारस्परिक मत्तभेद का कोई सवाल ही नहीं, क्युंकि भारत, संस्कृतिओं और धर्मों का सनमान करने वाली धरती है।