Advertisement
Advertisement

पंजाब में ‘आयुष्मान भारत योजना’ लागू

राज्य में 43 लाख परिवारों का 5-5 लाख रुपए का बीमा

 

yoznaपंजाब सरकार ने राज्य के गरीब 43 लाख परिवारों तक स्वास्थ्य बीमा का लाभ पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार के साथ 2 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। सरकारी सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री कै. अमरेन्द्र सिंह की उपस्थिति में इन दोनों समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। अब राज्य में 43 लाख परिवारों का 5-5 लाख रुपए का बीमा हर वर्ष होगा।
केंद्र ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश में लागू की हुई है। इस तरह 43 लाख से अधिक परिवारों को कैप्टन सरकार ने कैशलैस व मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान की है। इन समझौतों पर हस्ताक्षर कर राज्य की कांग्रेस सरकार ने अपने प्रमुख चुनावी वायदे को भी पूरा कर दिया है। पंजाब कैबिनेट ने 3 अक्तूबर को भगत पूर्ण सिंह स्वास्थ्य बीमा योजना का प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ विलय कर दिया था। गरीब तथा जरूरतमंदों के लिए बीमा राशि 50,000 रुपए वाॢषक से बढ़ा कर 5 लाख रुपए प्रति परिवार कर दी थी।
कैबिनेट ने भगत पूर्ण सिंह स्वास्थ्य बीमा योजना की अवधि को भी 31 अक्तूबर 2018 से बढ़ाकर 31 दिसम्बर 2018 कर दिया था। मुख्यमंत्री कै. अमरेन्द्र सिंह ने इन समझौतों को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इससे गरीबों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच सकेंगी। स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म महिन्द्रा ने कहा कि पंजाब सीमावर्ती राज्य है, इसलिए केंद्र की योजनाओं में पंजाब का अंश 10 प्रतिशत तथा केंद्र का 90 प्रतिशत होना चाहिए।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम के तहत 28.20 लाख अतिरिक्त परिवारों को कार्यक्रम के अधीन लाया जाएगा। इसमें नीले कार्डधारक, जे-फार्म होल्डर निर्माण श्रमिक, छोटे व्यापारी भी शामिल होंगे। इस तरह कार्यक्रम के तहत आने वाले कुल परिवारों की गिनती बढ़कर 43.16 लाख हो जाएगी। इसमें 20.30 लाख नीले कार्ड धारक परिवार भी शामिल होंगे, जिन्हें भगत सिंह सेहत बीमा योजना के तहत पहले ही कवर किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त 5.66 लाख जे-फार्म होल्डर किसानों, 1.22 लाख निर्माण वर्करों तथा 1.02 लाख छोटे व्यापारी परिवारों पर भी सरकार बीमा योजना के तहत 86 करोड़ रुपए खर्च करेगी।