पंजाब में पावर हासल करने के लिए लोगों की खुशहाली के साथ मत खेलो – कैपटन

पंजाब के मुख्य मंत्री और कांगरसी लीडर कैपटन अमरिंदर सिंह

पंजाब के मुख्य मंत्री और कांगरसी लीडर कैपटन अमरिंदर सिंह

कैनेडीअन सुरक्षा जाँच के द्वारा लाहौर को जाने वाली पाकिसतान एअरलाईन की फलाईट में कैनेडा के शहर टोरांटो से खालिसतान का पक्ष लेने वाले वयक्ति को सफ़र करने से रोका गया. सुचना के मुताबिक सिक्ख गरम सोच धड़े पाकिसतान में ननकाणा साहिब में पाकिसतानी सिक्ख धड़े एव इसलामक संस्थाओं समेत पाकिसतानी इंटेलिजेंस एजेंसी के साथ इक अहम मीटिंग करने का प्रबँध किया है. जिस में विशव भर से गरम सोच संस्थाओं के लीडर भाग लेने के लिए पाकिसतान पहुँच कर रहे थे. पाकिसतान खुफीआ एजेंसी भारती पंजाब में खतम हो चुकी खालिसतान लहर को दोबारा सजीव करना चाहती है. अमरीका, यू के, कैनेडा से खालिसतानी लीडर पाकिसतान पहुंचे, जो कि खालिसतान जिँदाबाद फोरस के मुखिआ रणजीत सिंह नीटा, दल खालसा के संस्थापक गजिंदर सिंह, बी के आई के चीफ वधावा सिंह, आई ऐस वाई ऐफ के मुखिआ लखबीर सिंह रोडे के संपर्क में हैं. परवकार सिंह दुलाई एव सतिंदर पाल सिंह को कैनेडीअन सुरक्षा एजेंसी ने कैनेडा से पाकिसतान नहीं जाने दिया, जबकि परवकार सिंह के पिता मासटर सिंह दुलाई को पाकिसतान जाने की इजाजत मिल गयी. सुरक्षा एजेंसी के अनुसार इन का पाकिसतानी खुफीआ एजेंसी के साथ ताल्लुक है. जिस कारन कई घँटे इन से कैनेडीअन खुफीआ एजेंसी द्वारा पड़ताल के उपरांत मासटर सिंह दुलाई को जाने की इजाजत मिली. बीते साल 4 नवंबर को एक विशाल समागम का आयोजन किया जाना था, जिस में भारी संख्या में सिक्ख संगत का आना निशचत था एव इस दिन को भारत के खिलाफ जहर उगलने के लिए चुना गया था. सुरक्षा एजेंसी लगातार सूचना दे रहीं हैं कि विदेशों में खालिसतानी संगठनों का मनोबल बढ़ा है. खास कर जब से सिक्ख लीड़र सयास्त में आएं हैं. हैं. इन का इशारा शाइद जगमीत सिंह बराड़ और हरजीत सिंह सज्जन की तरफ है. इन के अनुसार विदेशों में सिक्ख लीडरों की मजबूती के उपरांत यू ऐस, यू के, कैनेडा और यूरप के कई देशों से खालिसतान के पक्ष में संदेशों की संख्या बढ़ गई. विदेशों से खालिसतान के पक्ष में आने वालों में भारी संख्या सिक्ख भाईचारे की दूसरी पीढ़ी है. जिन को 1984 के सिक्ख विरोधी दंगों को अधार बना खालिसतान की शिक्षा दी जा रही है. पंजाब के मुख्य मंत्री और कांगरसी लीडर कैपटन अमरिंदर सिंह द्वारा भी उपरोकत सिक्ख लीडरों पर खालिसतानी होने का लेबल लगाने की कोशिश की गई थी. अमरिंदर सिंह ने कहा था कि पंजाब का भला चाहने वाले अगर पंजाब को प्यार करते हैं, तो परिवार समेत पंजाब आ के रहें, ना कि पंजाब में पावर हासल करने के लिए आम पंजाबी लोगों की खुशहाली के साथ खेलें.

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