पीऐसजीपीसी, ईटीपीबी के इशारों पर चल रही है – ऐडवोकेट हीरा सिंह

ऐडवोकेट हीरा सिंह

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पाकिसतानी सिखों की ओर से पाकिस्तान के वखब बोर्ड का पुर्जोर विरोध किया गया, जब ई टी पी बी सिखों से किये अपने वाअदे से मुक्कर गया। असल में पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से ई टी पी बी ने गुरुद्वारा करतार साहब में 100 कमरों के सराये घर बनाने की बात की थी , किन्तु सरकार की ओर से मिली गरांट को गुरुद्वारा साहब की निर्मिति पर लगाने का बजाइ ई टी पी बी इसकी और कामों में लगा रही है। ई टी पी बी के चेअरमैन फारुख्ख उल सादिक की ओर से पाकिस्तान श्रोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को सुझाव दिया गया कि वह गुरुद्वारा साहब में निर्मिति की कार्य और नवनिरमाण के लिए यू ऐस ए और कैनेडा की संगत से चंदा इकट्ठा करें. सिख लीडर और खालसा पीस ऐंड जसटिस फाउंडेशन के प्रधान चरनजीत सिंह पेशावर ने ई टी पी बी की इस हरकत की निंदा करते हुए कहा कि, फारुख्ख को सिखों के आंतरिक मसलों में परामर्श देने की जरूरत नहीं। जिकरयोग है कि फारुख्ख समेत तारिक खान, पाकिस्तान श्रोमणी कमेटी के मुखिया तारा सिंह और पंजाब से संसद सदस्य रमेश सिंह अरोड़ा, गुरुद्वारा करतार साहब में पहुँचे, जहाँ उन्होंने खुलासा किया कि गुरुद्वारा साहब की निर्मिति और सेवा के लिए विश्व के समूह सिख भाईचारे को आवाहन दिया जाएगा। एक वीडीओ संदेशे में फारुख्ख की ओर से यह भी कहा गया कि, अगर कोई गुरुद्वारा साहब में कार सेवा करना चाहता है, तो वह आगे आये. अपने हाथों से अपनी मरजी से डोनेशन दे. हम जरूरी मशीनरी और और सामान मुहईआ करवाएँगे। जिकरयोग है कि ईटीपीबी और पीऐसजीपीसी दोनों विभक्त विभक्त संस्थायें है। सिधांतक रूप पर ईटीपीबी को धार्मिक संस्थान पीऐसजीपीसी के आंतरिक मसलों में दखलअंदाजी करने की छूट नहीं होनी चाहए। यह विचार श्री गुरु नानक सतसंग सभा के मुखिया ऐडवोकेट हीरा सिंह कराची ने पेश किये। उन्होंने आगे कहा कि, असल में पीऐसजीपीसी, ईटीपीबी के इशारों पर चल रही है, जिस में उन का आत्मगत सवारथ झलकता है। हीरा सिंह ने यू ऐस ए और कैनेडा के सिखों को स्पष्ट किया कि ईटीपीबी की कारजशैली में पारदर्शता नहीं है। पेशावर से सिख लीडर रादेश सिंह की ओर से फारुख्ख के इस्तीफ़े की माँग की जा चुकी है, क्युंकि उन के अनुसार फारुख्ख कम गिनती से न्याय नहीं कर पाया।

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