भाजपा सांसद साक्षी महाराज की शर्मनाक हरकत, शहीद की अंतिम यात्रा को बनाया पार्टी का रोड शो

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए चरमपंथियों हमले में 40 से अधिक जवान शहीद हो गए है. जवानों की शाहदत पर पुरे देश में शोक की लहर है हर किसी की संवेदनाएं शहीद के परिवार के साथ है. वहीं दूसरी तरह बीजेपी नेताओं द्वारा शहीद जवानों के प्रति लगातार असंवेदनशीलता देखने को मिल रही है. अब बीजेपी के बड़े नेता और उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज ने शहीद अजीत कुमार आजाद की अंतिम यात्रा के समय बेहद ही शर्मनाक हरकत की जो उनकी असंवेदनशीलता को व्यक्त करती है.

पुलवामा हमले में शहीद हुए उन्नाव के बेटे अजीत कुमार आजाद की अंतिम विदाई में स्थानीय सांसद और बीजेपी नेता साक्षी महाराज भी शामिल हुई थे. इसी दौरान वह उस ट्रक पर नजर आए जिस पर अजीत कुमार का पार्थिक शरीर रखा गया था. इतना ही नहीं वह इस दौरान बेशर्मी के साथ हाथों को लहराते हुए लोगों का अभिभावक भी कर रहे थे.

सोशल मीडिया पर इस हरकत के लिए साक्षी महाराज को लोग जमकर आलोचना कर रहे है. पत्रकार प्रशांत कुमार ने साक्षी महाराज की इस शर्मनाक हरकत का वीडियो ट्वीटर पर शेयर किया और लिखा कि बेहद अपमानजनक यह शहीद अजीत कुमार आजाद की अंतिम यात्रा थी.उन्होंने आगे लिखा कि लेकिन देखें कैसे बीजेपी सांसद साक्षी महाराज जवान के श$व को ले जाने वाले ट्रक से हाथों को लहरा रहे हैं. बीजेपी सांसद साक्षी महाराज को यह बताने की जरूरत है कि यह भाजपा का रोड शो नहीं था यह एक बहादुर की अंतिम यात्रा थी जिसे देश ने खो दिया.वहीं इस पर पत्रकार नरेंद्र नाथ मिश्रा ने लिखा कि और शहीद के अंतिम संस्कार में वोट का मौका देख इसे रोडशो बनाने लगे नेताजी. शर्म को भी शर्म आ जाए. बता दें कि इससे पहले बीजेपी नेता और सांसद मनोज तिवारी भी असंवेदनशीलता दिखा चुके है.हमले वाले दिन देर रात को इलाहाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में बीजेपी नेता मनोज तिवारी नाचते-गाते नजर आए थे जिसके बाद उनकी जमकर आलोचना हुई थी. इसके आलावा खुद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी उसी दिन शाम के समय एक रैली को संबोधित करके पार्टी के लिए वोट मांगते हुए नजर आए थे.

साक्षी महाराज बड़ी ही बेशर्मी के साथ शहीद की अंतिम यात्रा में इस तरह लोगों का अभिवादन करते हुए दिखे जैसे वह किसी अंतिम यात्रा में नहीं बल्कि अपनी पार्टी के रोड शो में सम्मिलित हुए हो. एक शहीद की अंतिम यात्रा ने उसका इस तरह अपमान करने के बाद साक्षी महाराज की आलोचना की जा रही है.