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भारत ने हमें भारती होने का सम्मान दिया, क्या हम विदेश में रहते हुए भारती का फर्ज निभा रहें हैं?

indiaविदेश में रहते हुए हम सभ भारती जितनी भी उन्नति कर लें, चाहे विदेशी नागरिकता भी ले लें, किन्तु कभी भी अपनी भारती होने की पहचान को नहीं छुपा सकते. अभ तक विदेशों में रहने वाले भारती लोगों ने जितनी भी उन्नति की है, उसमे कहीं ना कहीं भारती संस्कृति का रोल अहम रहा है. भारती लोग विदेशी नागरिकता लेने के उपरान्त भी भारती की पहचान से ही जाने जातें हैं और जाने जाते रहेंगें।

भारत देश विशव में अपनी सांस्कृतिक गुणों की वजह से गौरवमई देश माना जाता है. इतिहास गवाह है कि भारत देश की सरहदें कभी काबल कँधार तक थीं. जो दरियादिली भारती लोगों में है, वह और देशों के लोगों में कम ही देखने को मिलती है, किन्तु इसके बावजूद भी क्यों विदेशी भारती अपने देश के प्रति अपने फ़र्ज़ों को भूलते जा रहे हैं? पहले और दूसरे विशव युद्ध में भारती लोगों ने अपने मित्र देशों के समर्थन में जिनमें इटली भी शामिल है, दुश्मनों को सबक सिखाया। पहले और दूसरे विशव युद्ध में भारती लोग, इटालियन लोगों के समर्थन में जिस बहादुरी एवं सूरबीरता के साथ लड़े उस को आज भी इटालियन लोग सज़दा करतें हैं.

विदेशों में रहने वाले भारती अगर अपने देश भारत के प्रति अपने फर्जों से ऐसे ही अनजान रहे तो वह दिन दूर नहीं जभ विदेशों में जनम लेने वाली हमारी भारती पीढ़ी भारत की अनमोल संस्कृति को हमेशां के लिए भूल जाएगी. जो लोग इटली में रहते हुए अपने बच्चों को भारत देश प्रती जागरूक करने में अस्मर्थता दिखा रहें हैं, असल में वह लोग सिरफ़ भारत ही नहीं बल्कि सिक्खी जीवन से भी दूर जा रहें हैं. इटली में जनम लेने वाले बच्चों को कैसे एहसास होगा कि उनके गुरुओं की पवित्र धरती पंजाब भी भारत में ही है. इटली के समूह भारती भाईचारे खासकर पंजाबी भाईचारे की तरफ़ से जहां अपने बच्चों को गुरदुआरे जाने के लिए प्रेरित किया जाता है, वैसे ही पंजाबी बच्चों को अपने देश भारत के गौरवमई इतिहास और मूल्यवान संस्कृति की भी विस्तारपूर्वक जानकारी देनी चाहिए.