राज्य की समृद्धि अवाम की सोच और कारजशीलता पर निर्भर

punjabकिसी भी राज्य की समृद्धि का सबंध राज्य की अवाम की सोच और कारजशीलता पर निर्भर करती है। राज्य की कार्यगुजारी के प्रचार और पासार के लिए अथक परिश्रम करने के इलावा राज्य में सक्रिय समाज सेवी संस्थान लोगों की भलाई के कार्यों से लोगों के दिलों में एक विशिष्ट जगह बना डालते हैं। ऐसे संस्थानों में पंजाब में सक्रिय एक संस्थान शहीद भगत सिंह यूथ फरंट है। संस्थान के चेअरमैन गुर्मीत सिंह बबलू ने पंजाब के प्रती आज के हालातों पर अपने विचार पेश करते हुए कहा कि, पंजाब वर्षों पहले जो काले दिन देख चुका है, उस कालख को किसी भी कीमत पर दोबारा पंजाब में पसरने नहीं दिया जाएगा और बीते पंजाब जैसे हालात दोबारा पैदा होने की कोई संभावना भी नहीं है। पंजाब के हालातों को आपस में बँट कर पंजाब पर राज्य करने की चालें जो बीते दिनों में चलीं गईं, वह नयी पीढ़ी बिलकुल भी नहीं चाहती। आज का युवक आधुनिक युग में दाखल हो चुका है। जहाँ युवक अपने पिछोकड़ और संस्कृति के प्रति अग्रगामी सोच रखते हैं, वहां वह बीते काले दिनों को न याद करना चाहते हैं और न ही पंजाब में दोबारा दहिशतगरदी के माहौल को पैर पसारने देंगे। पंजाब को हर कोई प्रोन्नत देखना चाहता है। विदेशों में बैठे कुछ दल पंजाब में फिरकाप्रसती का माहौल दोबारा बहाल करना चाहते हैं, किन्तु जब युवक गैरजरूरी मूवमैंट को नाकार चुके हों तो ऐसी कोशिशें करनीं भी मूर्खता पूर्ण कदम होगा। फिरकाप्रसत लोगों की ओर से अलगाववाद का माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है, जिस को कि पंजाब की अवाम की ओर से पूरी तरह नकारा जा चुका है। भारत विश्व की सब से बड़ी जन शक्ति है और पंजाब भारत का मुख्य राज्य है, जहाँ लोगों को अपना हर पक्ष रखने का पूर्ण अधिकार है। भारत की इस जन शक्ति की आज़ादी का लाभ उठा फिरकाप्रसती सोच का पासार करने की कोशिश कुछ लोगों की ओर से की जाती है, किन्तु यहाँ यह समझना भी जरूरी है कि जब जन शक्ति ही किसी सोच को नकार दे, तो उस सोच से जुड़े बड़े से बड़े आन्दोलन निसतो नाबूत हो जाते हैं।