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पंजाबी लोगों ने समाजिक अराजकता फ़ैलाने वालों को हमेशां मूँहतोड़ उत्तर दिया है – सचदेवा

punjabiपंजाब को मुशकिल दिनों में अपने हालात पर छोड़ कर जाने वाले, अब पंजाब की इतनी चिंता क्यों कर रहे हैं, क्योंकि आतंकवाद के मुशकिल समें में कटरपंथी सिख संगठनों के साथ संबंदित लोग पंजाब को छोड़ विदेशों में जा कर रहने लगे थे. यह विचार जगदीश सचदेवा ने सामने रखे. नाटककार जगदीश सचदेवा ने कहा कि, वह पंजाब में उस समय भी नाटक लिखते थे, लेकिन कभी पंजाब को छोड़ कर जाने की बात नहीं सोची. पंजाब से पड़ाव में से निकल चुका है, जिस में पंजाब के प्रशासन और उन्नति में बदलाव आया है. खूबसूरत इमारतों के इलावा सड़की आवाजाई भी बिहतर हुई है. इस के इलावा अगर परेशानी को देखें तो छोटी छोटी परेशानी सभ जगह होती है, जिन से पंजाब भी अछूता नहीं है और पंजाब के लोगों को ऐसे छोटे मोटे हालातों के साथ लड़ना आता है. पंजाब के लोग हमेशां समाजिक लड़ाई से दूर रहे हैं और जरूरत पढ़ने पर समाजिक अराजकता फ़ैलाने वालों को मूँहतोड़ उत्तर दिया है. उन्होंने कहा कि, पंजाब में लंबे समय तक चले आतंकवाद के बावजूद हिन्दू, सिख, मुसलिम और इसाई भाईचारा आपस में मिलजुल के शांती से अपना जीवन बसर कर रहा है, जो कि इक भाईचारक मिसाल है. पंजाब को बांटने के लिए बाहरी ताकतें बहुत ततपर रहतीं हैं, लेकिन पंजाबी किसी भी ऐसी चाल को कामयाब नहीं होनें देंगें. उन्होंने पंजाब के खिलाफ जहर उगलने वाली किसी भी संस्था का नाम लिए बिनां खुलासा किया कि, ऐसे लोग मौके की तलाश में रहते हैं, किन्तु वह उन्हें अपने किसी भी मनसूबे में कामयाब नहीं होने दे सकते, क्योंकि पंजाब के लोग एकजुट हैं और ऐसी फिरकू बातों में अपना ध्यान नहीं लगाते. सचदेवा ने खुलासा किया कि, कटरपंथी का प्रचार करने वाली सिख संस्थाएं और उन के लीडर फूलों की बगीची में साँप की तरह हैं, जिन की अपनी कोई पहचान नहीं है और यह पंजाब का कोई नुकसान नहीं कर सकते. विदेशों में बैठ कर पंजाब के हालातों का बखान करना और झूठा प्रचार करना सही नहीं. अगर कोई मतभेद समझ आता है तो उस के प्रती बातचीत का आपसी तरीका भी हो सकता है.