पंजाब में 43.18 लाख परिवारों को मिलेगा 5 लाख रुपये का हैलथ-कवर

healthआज का पंजाब बहुत बदल चुका है। अब आबो-हवा में सहम नहीं, डर नहीं, बल्कि समृद्धि और अमन शांति का संदेशा है। पंजाब की अवाम समृद्धि का जीवन व्यतीत करती है। शांतमई ढंग से हर पंजाबी अपना जीवन बसर कर रहा है। जिस पंजाब के अन्दर कच्ची सड़कें और बिजली की कमी के कारण हालात सुखकारी नहीं थे, वही पंजाब आज चमकते तारे के माफ़िक भारत के नक्शे पर चमकता है।
पंजाब में 1 जुलाई से ‘सरबत्त स्वास्थ्य बीमा योजना’ लागू कर दी जाएगी. इस के तहत पंजाब के 43.18 लाख परिवारों को सालाना पाँच लाख रुपये प्रति परिवार स्वास्थ्य-कवर मिलेगा।  वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने अंतत: बजट में 42 लाख परिवारों को पांच लाख का बीमा कवर देने की घोषणा कर दी। ‘आयुष्मान योजना’ को लेकर भी तस्वीर स्पष्ट हो गई। वित्तमंत्री ने मोहल्लों में स्थापित होने वाले वेलनेस सेंटर को मजबूत करने की भी योजना पेश की। वित्तमंत्री ने स्वास्थ्य के बजट में 10.87 % की वृद्धि करते हुए स्वास्थ्य के बजट का आकार 3465.06 करोड़ रुपये करने की घोषणा की।

‘सरबत सेहत बीमा योजना’ के तहत राज्य के 42 लाख परिवारों को पांच लाख रुपये प्रति परिवार की दर से वार्षिक स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाएगा। इस योजना के तहत आयुष्मान भारत के 14.96 प्रतिशत व भगत पूरन सिंह योजना के लाभार्थियों को भी शामिल कर लिया गया है। इसके लिए 250 करोड़ रुपये रखा गया है वहीं, बजट में एनएचएम के लक्ष्य संस्थागत डिलीवरी, नवजात शिशुओं के निशुल्क इलाज एवं समूह बच्चों का निशुल्क टीकाकरण करने का भी प्रावधान है। इन रोगियों को दवाइयां, हेपेटाइटिस-सी की चिकित्सा आदि के लिए 978.12 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

239 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं 190 सब्सिडी वाले स्वास्थ्य केंद्रों को सेहत एवं तंदुरुस्ती केंद्रों (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) के रूप में अपग्रेड किया गया है, जबकि इसके अतिरिक्त 258 अन्य केंद्र स्थापित करने की तैयारी है। साथ ही 800 वेलनेस सेंटरों को मजबूत करके उन्हें कार्यशील करने की योजना है। इसके लिए 22.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। होशियारपुर, फाजिल्का व अमृतसर में कैंसर केंद्रों के कार्य संचालन के लिए 60 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वहीं, आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक डिस्पेंसरियों के सशक्तीकरण के लिए राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत 14 करोड़ रुपये के आरक्षण का प्रस्ताव किया गया है। मोहाली एवं मोगा में दो सामूहिक आयुष अस्पताल भी स्थापित किए जा रहे हैं। एसएएस नगर में बन रहे मेडिकल कॉलेज के लिए बजट में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जोकि पिछली बार 50 करोड़ रुपये था। गुरदासपुर, पठानकोट व संगरूर जिलों में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए पीपीपी मॉडल अपनाया जाएगा। पटियाला एवं अमृतसर में स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेजों की अपग्रेडेशन के लिए 189.15 करोड़ रुपये रखे गए हैं।